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बस्तर में राहुल गांधी किसानों को लौटाएंगे अधिग्रहित जमीन, कृषक सम्मेलन में होंगे शामिल

बस्तर में राहुल गांधी किसानों को लौटाएंगे अधिग्रहित जमीन, कृषक सम्मेलन में होंगे शामिल

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कांग्रेस (Conhgress) अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर बस्तर पहुंच रहे हैं. गांधी यहां विशाल आदिवासी कृषक अधिकार सम्मेलन में शामिल होंगे.

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गांधी शनिवार को बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड के धुरागांव में आयोजित विशाल आदिवासी कृषक अधिकार सम्मेलन में शामिल होंगे और वहां टाटा इस्पात (Tata Steel) संयंत्र के लिए अधिग्रहित भूमि के प्रभावित 1707 किसानों को अधिग्रहित 4359 एकड़ भूमि के दस्तावेज सौपेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहेंगे.

आज माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी धुरागांव, लोहण्डीगुड़ा (बस्तर) में आयोजित आदिवासी कृषक भू अधिकार सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

हम सब छत्तीसगढ़ की महान धरा पर उनका स्वागत एवं अभिनंदन करते हैं. pic.twitter.com/SBjzACNQGm
— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) February 16, 2019

अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन में राहुल गांधी बस्तर संभाग के एक लाख 17 हजार 218 किसानों से 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदे गए धान की राशि एक हजार 328 करोड़ रुपए का भुगतान करेंगे. इसके साथ ही एक लाख 40 हजार 479 किसानों को 582 करोड़ रुपए के कर्जमाफी का दस्तावेज प्रदान किया जाएगा.

अधिकारियों ने बताया कि इस मौके पर वह कोण्डागांव में 105 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित मक्का प्रसंस्करण केंद्र का भी शिलान्यास करेंगे और बस्तर संभाग के 1834 हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र और 261 सामुदायिक वनाधिकार पत्र भी प्रदान करेंगे. इस अवसर पर वेदमाता कृषक कल्याण समिति बारदा और जय बूढ़ादेव कृषक कल्याण समिति उरन्दाबेड़ा के किसानों को ट्रेक्टर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, थ्रेसर, रिपर, स्प्रेयर प्रदान किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि गांधी सम्मेलन में 21 करोड़ 75 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे. इनमें आठ करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से सुकमा और धुरागांव में स्थापित फूड पार्क, टेकनार और लखनपुरी में छह करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से स्थापित लघु उद्योग केंद्र, पांच करोड़ 86 लाख रुपए की लागत से जगदलपुर में स्थापित प्लग टाईप वेजीटेबल सीडिलिंग प्रोडक्शन इकाई और 24 लाख रुपए की लागत से बस्तर और तोकापाल में स्थापित काजू प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं.

इसी प्रकार लोहण्डीगुड़ा में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किए जाने वाले लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र, दो करोड़ 85 लाख रुपए की लागत से कांगेर नाला और उधीरनाला में बनाए जाने वाले पांच पुलों का भूमिपूजन भी करेंगे.

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